लखनऊ

KGMU में महिला डॉक्टर से छेड़खानी, सीनियर डॉक्टर पर आरोप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के पल्मोनरी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार पर निजी प्रैक्टिस कर रही एक महिला डॉक्टर ने छेड़छाड़ और पति को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इसकी शिकायत एसएसपी कलानिधि नैथानी से की है। एसएसपी के निर्देश पर महिला की तहरीर पर गुडंबा पुलिस ने केस दर्ज कर मामले कीलखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के पल्मोनरी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार पर निजी प्रैक्टिस कर रही एक महिला डॉक्टर ने छेड़छाड़ और पति को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इसकी शिकायत एसएसपी कलानिधि नैथानी से की है। एसएसपी के निर्देश पर महिला की तहरीर पर गुडंबा पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस संबंध में पल्मोनरी विभाग केजीएमयू के प्रोफेसर संतोष कुमार का कहना है महिला चिकित्सक के आरोप निराधार हैं। पैथोलॉजी चलाने वालों का विरोध करने पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। गलत काम का विरोध करने पर उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। इनका गिरोह मेरे खिलाफ आगरा से लखनऊ तक मुकदमा दर्ज करवा रहा है। आरोपी डॉक्टर ने बताया कि वो हर स्तर पर जांच के लिए तैयार हैं। पुलिस जांच में असली तथ्य सामने आ जाएंगे।

महिला डॉक्टर ने बताया कि डॉक्टर संतोष कुमार उनके साथ पढ़ाई करते थे। केजीएमयू में वह अपनी मां को दिखाने आईं तो इसी दौरान उनसे मुलाकात हुई थी। महिला डॉक्टर के मुताबिक, आरोपी ने उनको फेसबुक पर दोस्ती का निमंत्रण भी दिया था। जिसे उन्होंने कबूल कर लिया था। महिला के अनुसार एक दिन जब वे अपनी मां को लेकर पल्मोनरी विभाग आई तो डॉक्टर संतोष मिले। कुछ देर की बातचीत के बाद उन्होंने छेड़खानी शुरू कर दी। जब महिला डॉक्टर ने आरोपी डॉक्टर का विरोध किया तो पीड़ित महिला का आरोपी डॉक्टर धमकाने लगे। इस घटना के बाद महिला चिकित्सक ने उनसे बातचीत बंद कर दी। इस बात से नाराज होकर आरोपी डॉक्टर ने पीड़ित महिला के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने लगा।

पति को बनाया बंधक

आरोप है कि एक दिन जब उनके पति केजीएमयू गए तो डॉ. संतोष ने अपने सहयोगियों के साथ उन्हें बंधक बना लिया। इस वारदात की शिकायत पति ने केजीएमयू प्रशासन से की। जिस पर 5 अक्टूबर को संतोष कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एसएन शंखवार के सामने अपनी गलती भी कबूल की। इसके बाद आरोपी डॉक्टर ने पीड़िता के पति को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। महिला चिकित्सक ने एसएसपी मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद थाने में केस दर्ज कराया गया। प्रभारी निरीक्षक तेज प्रकाश सिंह के मुताबिक, पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
जांच शुरू कर दी है।

इस संबंध में पल्मोनरी विभाग केजीएमयू के प्रोफेसर संतोष कुमार का कहना है महिला चिकित्सक के आरोप निराधार हैं। पैथोलॉजी चलाने वालों का विरोध करने पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। गलत काम का विरोध करने पर उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। इनका गिरोह मेरे खिलाफ आगरा से लखनऊ तक मुकदमा दर्ज करवा रहा है। आरोपी डॉक्टर ने बताया कि वो हर स्तर पर जांच के लिए तैयार हैं। पुलिस जांच में असली तथ्य सामने आ जाएंगे।

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