कुशीनगर

कुशीनगर: बिना आग लगे बना दिया 32 को अग्निपीड़ित, अपात्र बने आवास लाभार्थी

आदित्य कुमार दीक्षित
कुशीनगर:
सरकार चाहे कितना भी भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा कर ले तथा चाहे जितने भी कानून बना ले लेकिन सरकार के भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी कभी भ्रष्टाचार को खत्म नहीं होने देंगे। कुछ ऐसा ही हो रहा है कुशीनगर जिले के पडरौना ब्लॉक में।

मिली जानकारी के अनुसार पडरौना ब्लॉक के एक ग्राम पंचायत में फर्जी अग्निपीड़ितों की एक लंबी सूची तैयार कर उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभार्थी बना दिया गया है। बुजुर्गों द्वारा पुराने जमाने से ही एक कहावत कही जाती है कि, आग लगी नहीं कि धुंआ उठने लगा। लेकिन यहां कहानी बिल्कुल इसके उलट ही है। यहां बिना धुंआ उठे ही आग लग गयी है।

हम बात कर रहे हैं पडरौना ब्लॉक के मटिहानिया बुजुर्ग ग्राम पंचायत की जहां ग्रामीणों के अनुसार बीते 5 सालों में आजतक कोई बड़ी आगजनी की घटना नहीं हुई है, लेकिन ब्लॉक से इस महीने मुख्यमंत्री आवास योजना की एक सूची प्रकाशित की गयी है, जिसमें मटिहानिया बुजुर्ग ग्राम पंचायत के ग्रामसभा अहिरौली दीक्षित तथा मटिहनिया बुजुर्ग में 32 लोगों को अग्निपीड़ित दिखा कर उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभार्थी बना दिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में चल रहे दिसम्बर महीने की 13 तारीख को पडरौना ब्लॉक के बीडीओ की दस्तखत से एक सूची जारी हुई जिसमें यह दर्शाया गया कि पडरौना विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पँचायत मटिहनिया बुजुर्ग में आने वाले गांव अहिरौली दीक्षित (बुजुर्ग) तथा मटिहनिया बुजुर्ग में 32 लोगों के घर भीषण आगजनी हुई है तथा उनके घर आग से जल कर राख हो गए हैं।

इस सम्बंध में जब इस संवाददता ने इस घटना तथा सूची की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की तो जो सामने निकल कर आया वह बेहद चौंकाने वाला था, इस आगजनी के बारे में जानने पर ग्रामीणों ने बताया कि इन दोनों गांवों में बीते 5 सालों में कोई आगजनी की घटना नहीं हुई है। लेकिन जब उनको बताया गया कि इस गांव में 32 लोगों को अग्निपीड़ित दिखा कर उन्हें आवास का लाभार्थी बनाया गया है, तो वो आश्चर्यचकित हो गये और सूची देखने के बाद जो उन्होंने बताया वो बेहद ही चौंकाने वाला था।

ग्रामीणों का कहना था की इस सूची में अधिकांशतः लोग ऐसे हैं जो प्रधान के चहेते हैं तथा जिनक पास पक्का मकान है। अब सोचने वाली बात यह है कि जिस गांव में इतनी बड़ी आगजनी की घटना को दर्शाया गया है उस गांव के ही लोगों को इस घटना के बारे में कुछ मालूम नहीं है। बताते चलें कि जिस गांव में आगजनी की घटना को दिखाकर आवास योजना के लाभार्थियों की सूची जारी की गयी है, वह गांव जिला मुख्यालय तथा कोतवाली पडरौना से बिल्कुल सटे है।

अब मजे की बात यह है कि जिला मुख्यालय तथा कोतवाली से सटे गांव में इतनी बड़ी आगजनी की घटना हो गयी लेकिन पुलिस और फायर ब्रिगेड को कानोकान खबर भी नहीं हुई। सोचने वाली बात यह है कि कहीं यह फर्जी आगजनी की घटना दिखाकर दो विभाग आपसी मिलीभगत से सरकार के लाखों रुपयों का बंदरबांट करने की कोशिश में हैं।

उक्त गांवों के लिए प्रकाशित हुई मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की सूची देखकर एक तरफ जहां ग्रामीण आश्चर्यचकित हैं तो वहीं उनके अंदर इस बात का गुस्सा भी है कि यह लाभ अपात्रों को दिया गया है। अब देखना यह है कि इतने बड़े घपले कि लाइन में लगे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस घोटाले को अंजाम दे दिया जाएगा या फिर इसकी जांच किसी बड़े अधिकारी से कराई जाएगी।

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