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प्रवासी भारतीय सम्मेलन में गंगा सागर से लेकर गंगोत्री तक के होंगे भव्य दर्शन

लखनऊ/वाराणसी: प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए काशी को और ज्यादा भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए घाटों का रंग रोगन से लेकर उनकी सफाई और आकर्षक बनाएं जाने पर काम किया जा रहा है। वाराणसी में 21 से 23 जनवरी तक आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आठ हजार से ज्यादा प्रवासी भारतीय शामिल होने वाले हैं।

इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रवासी भारतीयों को सम्मानित भी करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में शिरकत करने वाले हैं। इस मौके पर गंगोत्री से गंगा सागर तक गंगा के भव्य रूप के साथ काशी की विरासत को दर्शाया जाएगा। सम्मेलन का उद्धाटन ट्रेड फैसिलिटी सेंटर में होगा। यहां पीएमओ से लेकर एनआरआईए विदेश और कई अन्य मंत्रालयों के अस्थाई कार्यालय खुलने का सिलसिला शुरू हो गया है।

जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शामिल होंगे। 23 जनवरी को देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कार्यक्रम में शिरकत करने वाले हैं।

अहमदाबाद की तर्ज पर यहां भी छह स्थानों पर फूड स्ट्रीट लगने जा रहा है। प्रवासियों के लिए 42 एकड़ एरिया में 3000 खूबसूरत कॉटेज बन रहे हैं जहां फाइव स्टार होटल जैसी सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। छह ब्लाक में अलग-अलग फूड कोर्ट बनाए जाएंगे यहां कॉन्टिनेंटल, चाइनीज और भारत के सभी राज्यों के खास व्यंजनों के अलावा बनारसी स्टॉल भी लगाए जाएंगे। स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट के फस्र्ट फेज में इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर सर्विलांस सिस्टम समेत कई विकास कार्य चल रहे हैं।

सम्मेलन स्थल पर फिल्म जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री व सांसद हेमा मालिनी, पद्म भूषण पं. छन्नूलाल मिश्र, मनोज तिवारी के अलावा छात्र-छात्राएं अलग-अलग देशों की संस्कृति और वेशभूषा के अनुसार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि सम्मेलन की तैयारी जोरों पर है। सभी काम तेज गति से चल रहे हैं। हमारी कई चरणों में बैठक हो चुकी हैं। शासन से सुरक्षा के लिए फोर्स भी मांग ली गई है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के लिए इंतजाम भव्य और अच्छा हो इसके लिए 1480 टेंट सिटी बनवाई जा रही है। 50 विला का भी निर्माण हो रहा है। कुछ डीलक्स विला भी बनाएं जा रहे हैं। वीआईपी ऑडोटोरियम का कार्य भी लगभग पूरा हो गया है।

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