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गोरखपुर में पुलिस एवं आबकारी विभाग की मिलीभगत से चलती है मौत की फैक्ट्री

यशोदानन्द सिंह

गोरखपुर। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र गोरखपुर में अवैध शराब का धंधा इन दिनों खूब फल फूल रहा है। गाँव के किसान, मजदूर, कच्ची शराब पीने से पहले भी मर चुके है लेकिन न पहले सरकार ने कोई कठोर कार्यवाही की न ही अब सरकारी तंत्र लोगों की कोई परवाह कर रहा है।

ताजा मामला झंगहा थाना क्षेत्र के मंगलपुर, अमहिया, विश्वनाथपुर का मियान टोला, कटहरिया, राजी, आदि का है। राजधानी सहित क्षेत्र के कई ईट भट्टों पर अवैध कच्ची शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इस अवैध धंधे के लिए स्थानीय पुलिस एवं आबकारी विभाग का साथ भी खूब उनको मिल रहा है जो लोगों को मौत बाँट रहे है l

कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति के अलावा कुछ भी नहीं होता है। कारण यह है कि जब भी इन कच्ची शराब के अड्डों पर छापेमारी की जाती है उससे पहले ही कारोबारियों को इसकी खबर मिल जाती है l छापेमारी के कुछ घंटे बाद से ही पुनः ये खेल शुरू हो जाता है। फर्क सिर्फ इतना ही होता है कि छापे के बाद खाकी वर्दी का सुविधा शुल्क थोड़ा और बढ़ जाता है l  वहीँ शराब कारोबारियों की माने तो पुलिस खुद इस अबैध धंधे के लिए लोगों को उकसाती है। नाम न छापने की शर्त पर एक कारोबारी ने बताया कि एक दूकान से करीब तीन से पांच हजार रुपये महीने पेशगी हमसे वसूली जाती है।

कच्ची शराब पीने से अमहिया गांव के रामायन, हरी, विजयी, कैलाश,  गहिरा गांव के शंभू प्रसाद, हरिश्चंद्र सहित तमाम लोगों की मौतें हो चुकी हैं। मंगलपुर गांव में सड़क के किनारे ही शराबी शराब पीकर बैठे रहते हैं और कालेज आने जाने वाली छात्र-छात्राओं के ऊपर फब्तियां भी कसते रहते हैं।

शराबियो के आतंक से शरीफ लोगों का राह चलना दूभर हो गया है l  मंगलपुर, अमहिया, मियान टोला ,कटहरिया , मोतीराम अड्डा, तथा क्षेत्र के कई ईट भट्टों पर शराब की बिक्री सुबह से ही शुरू होकर देर रात तक चलती रहती है।

गाँव वालों का रोजगार ही है कच्ची शराब बनाना

गॉव में रहने वाला व्यक्ति छोटा खेतिहर किसान हैं साथ ही कमजोर गरीब मजदूर है। पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से गाँव के महिला व पुरुष दोनों ही कच्ची शराब के इस धंधे में लिप्त हैं।

पुलिस कहती है…

इस संबंध मे जब एसडीएम चौरीचौरा को फोन किया गया तो उन्होने अपना मोबाइल फोन ही नही उठाया, दूसरी तरफ सीओ चौरीचौरा योगेन्द्र क्रष्ण नरायण ने कहा कि ऐसे ठिकानों पर लगातार दबिश पड़ती हैं। 26 जनवरी के कारण इधर सुस्ती आयी होगी लेकिन यकीन मानिए हमारा कोई सिपाही यदि इस मामले में संलिप्त पाया गया तो उसकी खैर नहीं। हम शराब माफियाओं को चिन्हित कर रहे हैं और उन पर लगातार शिकंजा भी कस रहे हैं।

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