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अखिलेश का खुला खत : ये वो महिला हैं जिन्हें ऑफिस से बाल पकड़कर बाहर निकाला गया

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी देशवासियों के नाम खुला खत लिखा है। उन्होंने लिखा है की देश को ढाई आदमी और मीडिया बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। अखिलेश यादव ने यह खत पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम को केंद्र में रखते हुए लिखा है।

यहाँ पढ़ें अखिलेश यादव ने खत में क्या-क्या लिखा है?

अखिलेश यादव ने खत में लिखा, ”मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं क्योंकि ढाई आदमी (टू एंड हाफ मैन) और मीडिया मिलकर इस देश को बर्बाद करना चाहते हैं. इस देश का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारे संप्रभु, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य की रक्षा करना मेरा भी कर्तव्य है. आज बंगाल पर जो हमला हुआ है वह सिर्फ हमारे मूल्यों पर हमला नहीं है बल्कि हमारे संविधान के संस्थापकों पर भी हमला है. बीजेपी का संविधान में विश्वास नहीं है. इसलिए बीजेपी और उसकी सहयोगी संस्था आरएसएस के सभी संस्थापकों ने संविधान का हमेशा विरोध किया है.

आज बीजेपी हमारे युवाओं को चंद उद्योगपतियों के हाथों बेच रही है, ये वही उद्योगपति हैं जिन्हें फायदा पहुंचाने के लिए यह सरकार सारे नियम बनाती है. पिछले 45 सालों में बेरोजगारी अपने चरम पर है. वहीं पर अल्पसंख्यक वर्ग इस डर के साए में जी रहा है कि कब वह मॉब लिंचिंग का शिकार बन जाए या बीजेपी आईटी सेल द्वारा फैलाए जा रहे अफवाह का शिकार बन जाए कि अब इंटरनेट टेररिस्ट सेल बन चुका है.”

अखिलेश यादव ने पत्र में आगे लिखा, ”पिछले 24 घंटों में यह साफ हो गया है कि बीजेपी का लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. साथ ही इनका फॉर्मूला भी साफ है, जो लोग इनके साथ नहीं है उनको सीबीआई के चक्कर में फंसाओं. उन पर देश द्रोह का आरोप लगाओ. ऐसा करके ये लोग अगले 50 सालों तक राज करना चाहते हैं.”

पत्र में अखिलेश ने जिन ढाई आदमियों का ज़िक्र किया उनका नाम तो नहीं लिया लेकिन ऐसा माना जा रहा है अखिलेश का इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर है। अखिलेश ने लिखा है कि हमें इस देश को चलाने के लिए एक मजबूत आदमी चाहिए, पर हमारे प्रधानमंत्री में ऐसे कोई गुण नहीं हैं, जैसा कि इनके अपने मंत्री नितिन गड़करी ने कहा था “जो अपना घर नहीं चला सकता वह देश क्या चलाएगा”

अखिलेश यादव ने पत्र में आगे लिखा है कि ममता बनर्जी पर हमला करके ये ढाई आदमी शायद अपने अतीत को भूल गए हैं. ये वो महिला हैं जिन्हें ज्योति बसु के ऑफिस से बाल पकड़कर बाहर निकाला गया था क्योंकि वे एक बलात्कारी को जेल भेजने की मांग कर रही थीं. ये वो महिला हैं जिन्होंने बंगाल से कम्युनिस्ट पार्टी को उखाड़ फेंका. ये ही वे महिला हैं जो किसानों के हित के लिए उद्योगपतियों के सामने डट कर खड़ी हो गईं थीं.

अखिलेश ने पत्र में आगे लिखा है कि, “मुझे लगता है कि समय आ गया है कि जब हम सभी को राजनीति, जात-पात और धर्म को छोड़कर इस बात से सहमत होना चाहिए कि हमें एक सशक्त सरकार की जरूरत है. मैं सबका आह्वान करता हूं कि सीबीआई, आईएएस, आईपीएस अपने ऊपर हो रहे राजनीतिक हमलों का विरोध करें. जो लोग मीडिया में काम कर रहे हैं वे बिना डर के अपनी बात रखें. हो सकता है कि आप मुझसे असहमत हों, पर आप अपना वोट उसे ही दें जो आप का प्रतिनिधित्व कर सकें।

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