गोरखपुर संतकबीरनगर

संतकबीरनगर: सपा-बसपा में फंसी सीट, अपने मुख नेता पका रहे ख्याली पुलाव

शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर: आगामी लोक सभा चुनाव को लेकर सपा और बसपा ने गठबंधन कर विजयी होने की पहल तो कर चुके है लेकिन संतकबीरनगर जिले में लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा के खेमे में प्रत्याशी के चयन को लेकर हलचल मची हुई है। बसपा से पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी, तो दूसरी तरफ सपा के खेमे में पूर्व सांसद भालचंद यादव सहित कोमल यादव, के डी यादव सहित कुल 6 लोगों के नाम सूची में शामिल है। जिसको लेकर सपा पार्टी के नेताओ में उहापोह मची हुई है।

सूची में शामिल पार्टी नेता अपने कार्यकर्ताओं और शुभचिंतको को आश्वासन देकर खुद को टिकट पाने की दिलासा दे रहे है। अभी तक सबसे विकट स्थिति बनी हुई है कि अप्रैल माह तक होने वाले लोकसभा चुनाव 2019 में अब समय बहुत ही कम बचा हुआ है। हालांकि बीते दिनों बसपा ने पूर्व सांसद भीष्म शंकर तिवारी को खलीलाबाद लोक सभा सीट का प्रभारी घोषित कर यह संकेत दे दिया कि पार्टी से भीष्म शंकर ही उमीदवार होंगे। बता दें कि सामान्य परिस्थितियों में प्रभारी ही प्रत्याशी होता है। वैसे यह सीट किसके खाते में जाएगी यह अभी तक क्लियर नहीं है और यही कारण है कि यहाँ की जनता और नेता दोनों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

माना यह भी जा रहा है कि सपा-बसपा अपने प्रत्याशियों की घोषणा भजपा द्वारा अपने पत्ते खोले जाने के बाद ही होगा। पार्टी के नेता अनुमान लगा रहे है कि भाजपा द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद ही सपा-बसपा अपनी लिस्ट जारी करेगी। ताकि पार्टी के नेता ज्यादा उछल कूद न कर पाये।

फिलहाल ये तो आने वाला समय ही बताएगा कि खलीलाबाद लोक सभा सीट सपा के खाते में जाएगी या यहाँ से बसपा का प्रत्याशी मैदान में उतरेगा। भले ही पार्टी के नेता अपने आप को टिकट मिलने का दावा कर रहे है कि लेकिन जनता के बीच अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

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