आजमगढ़ मऊ

बीमार है उच्च सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोपागंज

डी के कुशवाहा
मऊ: उच्च सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोपागंज का काफी बुरा हाल है। उक्त स्वास्थ्य केंद्र की साफ सफाई भगवान भरोसे है। जगह -जगह गंदगी व कूड़ो का ढेर है तथा दुर्व्यवस्थाएँ पूरी तरह व्याप्त है। हॉस्पिटल पर मरहम पट्टी कक्ष बंद होने से मरीजों को बाहर की शरण लेनी पड़ रही है। यही नहीं महिला वार्ड का तो बुरा हाल है। संविदा पर तैनात महिला चिकित्सक प्रायः गायब रहती है। इमरजेंसी हाल का बरामदा कर्मचारियों के गाड़ी खड़ी करने का स्टैंड बन गया है। जबकि कर्मचारियों के लिए अलग गाड़ी पार्किग की व्यवस्था है।

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कोपागंज -सी एच सी पर आम मरीजों के अलावा इमरजेंसी मरीजों को भी स्वास्थ केंद्र से मिलने वाली सुविधा न के बराबर है। अगर कभी कभार साधारण मरीजों के अलावा मारपीट या एक्सीडेन्डल जैसे इमरजेंसी मरीज आ गए तो उन्हें भी डॉक्टर द्वारा बाहर की पर्ची थमा दी जाती है। यहाँ तक की दवा तो दवा टीटी का इंजेक्शन भी लगाना मुश्किल है।

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लोगों द्वारा बार-बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत के बाद भी स्थिति पटरी पर आने की बजाय बे पटरी होती जा रही है। क्षेत्र के मरीजों की सुविधाओं के लिए बना 36 शय्या का यह हॉस्पिटल दुर्व्यवस्थाओ का शिकार हो गया है। कोपागंज नगर पंचायत के अलावा दर्जनों गाँव की जिम्मेदारी उक्त सीएचसी पर है। प्रायः मरीजों को दवा, मरहम, पट्टी, एवं इंजेक्शन के अलावा अन्य इलाज के लिए भी मरीजों को बाहर के डॉक्टरों की शरण लेनी पड़ रही है।

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यही नहीं कहने को तो उक्त हॉस्पिटल में नियुक्त कर्मचारियों की लम्बी चौड़ी फ़ौज है। लेकिन दवा वितरण से लेकर पर्ची काटने व इंजेक्शन आदि लगाने की जिम्मेदारी दूसरे लोग निभा रहे है। साफ -सफाई का आलम यह है की हॉस्पिटल के सामने गैलरी व पीछे गंदगी व कूड़ो का अम्बार लगा हुआ है। सबसे बुरी स्थिति तो महिला वार्ड की बनी हुई है जहाँ सुविधा के नाम पर महिला मरीजों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जा रहा जबकि सविदा पर तैनात महिला चिकित्सक प्रायः गायब ही रहती है।

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क्षेत्र के मनोज, हरिंद्र, आफ़ताब, रजिया खातून आदि का कहना है की बार-बार विभागीय अधिकारी से शिकायत के बाद भी स्थिति सुधरने के बजाय दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। उधर इन समस्याओ के बाबत चिकित्सा अधीक्षक आर के झा का कहना है की सफाई कर्मचारी का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने से सफाई नहीं हुयी है। वहीँ उन्होंने कहा कि बाहर के लिए लिखी जा रही दवाओं के बाबत उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही अन्य समस्यायों को भी दूर कर दिया जायेगा।

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