आजमगढ़ मऊ

लेखपाल धीरज सिंह हत्याकाण्ड: चार गिरफ्तार, कई बड़े नामों पर शक की सुई

डी के कुशवाहा
मऊ: चर्चित लेखपाल धीरज सिंह हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए चार अभियुक्तों को मीडिया के सामने पेश किया।पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस के बाद उन्हें जेल भेज दिया। बताते चले कि 11 फरवरी को शाम लेखपाल के आवास ब्रह्मस्थान स्थित (बुद्ध विहार कालोनी) पर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गयी थी। इतनी बड़ी घटना का पर्दाफाश पुलिस की सक्रियता से जल्द हो सका।

घटना का पर्दाफाश करते हुये जनपद के पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र बहादुर ने मीडिया कर्मियों को बताया कि मृतक लेखपाल धीरज सिंह जो कि उस हल्का के लेखपाल थे उन्होंने रस्तीपुर में एक विवादित ज़मीन पर मकान बनाने से मना किया था ,उस मामले में कई बड़े लोगों ने पंचायत से मामला सुलझाने का प्रयास भी किया।परन्तु बात नही बनने से क्षुब्ध हो कर अभियुक्तों ने इस घटना को अंजाम दे डाला।

अभियुक्त जगन्नाथ पुत्र स्व•सन्त प्रसाद का रस्तीपुर में एक प्लाट था जिसपर उसके किसी अपने रिश्तेदार से विवाद चल रहा था उसके बाद भी उस विवादित भूमि पर वह मकान बना रहा जब लेखपाल ने उसे माना किया तो उस समय उन लोगों में काफी तू- तू मैं-मैं भी हुआ था। एक सप्ताह बाद पुनः उक्त प्रकरण को लेकर लेखपाल के घर पर कुछ लोगों को लेकर मान मनौव्वल के लिये गए ये सभी पहले लेखपाल के साथ चाय पानी कर बात चीत कर मामले का पटाक्षेप कर रहे थे तभी विनोद पुत्र जगन्नाथ ने धीरज सिंह लेखपाल के सीने में गोली उतार दिया जिससे उनकी मौके पर मौत हो गईं।

इस हत्याकांड में पुलिस ने विनोद कुमार पुत्र जगन्नाथ, जगन्नाथ पुत्र स्व:सन्त प्रसाद ,मनोज कुमार पुत्र स्व रामनाथ रस्तीपुर, हरिभान यादव उर्फ़ छन्नू यादव पुत्र बाबूराम यादव के साथ साथ रमेश सिंह “काका” व पखईपुर निवासी अरविन्द कुमार सिंह को अभियुक्त बनाया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पिस्टल को भी बरामद कर चारो आरोपियों को जेल भेज दिया । जनपद पुलिस द्वारा जल्द घटना का पर्दाफाश करने से डी आई जी आजमगढ़ ने 45 हजार,तो पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र बहादुर सिंह ने 10 हजार का इनाम पुलिस कर्मियों को दिया।

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