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महराजगंज में शहीद पंकज का पार्थिव शरीर देखते ही लाल-लाल कह कर माँ ताबूत से लिपट गई

महराजगंज : बीते गुरुवार को पुलवामा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुये आतंकी हमले में 46 सीआरपीएफ़ जवानों ने अपनी जान देश के नाम कर दी। इस घटना के बाद पूरा देश सन्न रह गया वहीं लोगों का गुस्सा भी सरकार के खिलाफ देखने को मिला।

घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद अब शहीद जवानों के शव उनके घर अंतिम संस्कार के लिए पहुँचने लगे है। उत्तर प्रदेश के महराजगंज के शहीद जवान पंकज त्रिपाठी का पार्थिव शरीर भी आज उनके गाँव में सरकारी व्यवस्थाओं के साथ पहुंचा।

पार्थिव शरीर पहुँचते ही पंकज त्रिपाठी अमर रहें के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए खड़ी पूरी भीड़ रोने लगी और रूँधे गले से रोने की आवाज में अमर रहे की नारेबाजी होती रही।

गाँव पहुंचते ही लोगों की आखें नम हो गईं। शहीद की पत्‍‌नी रोहिणी, माँ सुशीला देवी, पिता ओमप्रकाश त्रिपाठी, भाई शुभम व तीनों बहनें दहाड़ मार कर रोने लगीं। लाल-लाल कह कर के माँ व पत्‍‌नी ताबूत से लिपट गईं। परिजनों का करूण क्रंदन सुनकर वहा मौजूद हर व्यक्ति को अपना कलेजा फटता सा महसूस हुआ। गाँव के लोग बेसुध हुए परिजनों को संभालने में जुट गए। शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए भारी जनसैलाब गाँव में उमड़ पड़ा।

केंद्रीय वित्तराज्य मंत्री, प्रभारी मंत्री, सासद व विधायक समेत सैकड़ों लोगों ने शहीद का अंतिम दर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल, प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री, सासद पंकज चौधरी, विधायक बजरंग बहादुर सिंह, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशकर सिंह, पूर्व विधायक विनोद मणि, वीरेंद्र चौधरी, त्रिभुवन मिश्र, जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान, निकायों के अध्यक्ष राजेश जायसवाल, कृष्णगोपाल जायसवाल समेत बड़ी संख्या में अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद हैं।

जनता दर्शन के बाद शहीद के पार्थिव शरीर को त्रिमुहानी घाट रोहिन नदी के तट पर ले जाया जा रहा है। वहीं पर अंतिम संस्कार होगा। अंतिम संस्कार के लिए निकली शहीद पंकज त्रिपाठी की शव यात्रा में भारी भीड़ है।

पंकज चार दिन पहले ड्यटी पर वापस लौटे थे। शहीद जवानों में 12 जवान उत्तर प्रदेश के हैं। इस हमले में महाराजगंज के रहने वाले सीआरपीएफ जवान पंकज त्रिपाठी भी शहीद हो गए। पंकज 4 दिन पहले ही ड्यूटी पर वापस लौटे थे।

पंकज ने चार दिन पहले छुट्टी के बाद वापस ड्यूटी ज्वाइन की थी। इस बीच योगी सरकार ने यूपी के सभी शहीद जवानों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही जवानों के परिजनों में से किसी एक को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है।

पैतृक गांव की सड़कों का नामकरण शहीद जवानों के नाम से होगा। सभी शहीद जवानों के गांव में सरकार के एक-एक मंत्री व डीएम, एसपी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। सीएम योगी ने कहा है कि हम इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले की निंदा करते हैं। यह मानवता के खिलाफ अपराध है।  हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

 

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