गोरखपुर देवरिया

48 घंटे के भीतर हो सकता है गोरखपुर, देवरिया सीटों पर भाजपा प्रत्याशी का ऐलान

आशुतोष वत्स/राकेश मिश्रा 
लखनऊ: अगले 48 घंटे के भीतर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्वांचल की दो प्रतिष्ठित सीटों गोरखपुर और देवरिया सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है। इसके साथ ही पार्टी गोरखपुर से सटे लोकसभा सीट संतकबीरनगर से भी अपने प्रत्याशी के नाम का भी खुलासा कर सकती है। बता दें की पार्टी ने अभी तक गोरखपुर सीट समेत देवरिया और संतकबीरनगर से अपने उम्मीदवारों का चयन नहीं किया है। जबकि पार्टी ने बहुत पहले ही मंडल की अन्य सीटें जैसे बाँसगाँव, कुशीनगर, महराजगंज और सलेमपुर से अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी।

Final Report से बातचीत करते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बीती रात लखनऊ में ही थे। उन्होंने सोमवार रात अवध क्षेत्र में चुनाव प्रबंधन से जुड़े लोगों को जीत का मंत्र देने के साथ ही असंतुष्टों को साधने पर जोर दिया। श्री त्रिपाठी ने बताया कि श्री शाह ने कार्यकर्ताओं को समझाया कि दिल्ली में सरकार के लिए अवध की 16 सीटों पर भाजपा का परचम फहराना जरूरी है।

अमित शाह ने इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश प्रभारी जेपी नड्डा, महामंत्री संगठन सुनील बंसल और अवध क्षेत्र के प्रभारी जेपीएस राठौर के साथ देर रात बैठक कर सभी 16 सीटों के प्रभारियों, संचालक, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों के साथ चुनाव प्रबंधन पर बात की।

अवध क्षेत्र में लखनऊ, मोहनलालगंज, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर, धौरहरा, लखीमपुर, हरदोई, मिश्रिख, फैजाबाद, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच और कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र हैं। भाजपा ने अवध की 16 सीटों को सीतापुर, अयोध्या, गोंडा और लखनऊ क्लस्टर में बांटा है। इस बार अवध क्षेत्र में कई नए चेहरे हैं।

छह लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा ने नये उम्मीदवार उतारे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में अवध क्षेत्र की 16 सीटों में रायबरेली को छोड़कर 15 पर भाजपा जीती थी। रायबरेली में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चुनाव जीता था।

वहीं पूर्वांचल की गोरखपुर, संतकबीरनगर, देवरिया, अंबेडकरनगर, घोसी और प्रतापगढ़ जैसी सीटों पर जहां उम्मीदवार नहीं घोषित हुए हैं, उनको लेकर भी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व से फीडबैक लिया। बता दें कि देवरिया से वर्तमान सांसद कालेज मिश्रा ने अपनी दावेदारी वापस ले ली है। कलराज की दावेदारी की वापसी के बाद देवरिया संसदीय सीट पर भाजपा के अन्य दावेदार अब दिल्ली की गणेश परिक्रम कर रहे हैं। कभी टीवी पत्रकार रहे और आज भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी, लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से पूर्व एक एनजीओ चलाने वाले पूर्व भाजपा सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के पुत्र शंशाक मणि त्रिपाठी और एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह भी यहां से अपनी दावेदारी दिखा रहे हैं। देवरिया से बहुजन समाज पार्टी ने विनोद जायसवाल को टिकट दिया है तो वहीँ कांग्रेस ने पूर्व बसपाई नियाज अहमद को मैदान में उतारा है।
वहीँ इस सीट से एक नया नाम पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी का भी चर्चा में है। जूता काण्ड के बाद माना जा रहा है कि संतकबीरनगर से शरद त्रिपाठी का टिकट कटना तय हैं। वहीँ संतकबीरनगर से बसपा के टिकट पर पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ़ कुशल त्रिपाठी के मैदान में आ जाने से वहां भाजपा की राह पथरीली दिख रही है। ऐसे में पार्टी ब्राह्मण बाहुल्य देवरिया सीट से रमापति राम पर दावं खेल सबको चित करना चाह रही है।

गोरखपुर सीट पर भी पार्टी बहुत साध-साध कर कदम रख रही है। बता दें कि पार्टी को यहाँ उपचुनाव में मुंह की खानी पड़ी थी। हालांकि जिस प्रवीण निषाद ने सपा के टिकट पर भाजपा के उपेंद्र शुक्ला को चित्त किया था अब वही प्रवीण निषाद भाजपा का दामन थाम चुके हैं। निषाद वोटों पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए भाजपा ने क्षेत्र के कई बड़े निषाद नेताओं जैसे-राजमती निषाद, अमरेंद्र निषाद और जय प्रकाश निषाद को पार्टी में शामिल किया है। समजवादी पार्टी ने एक बार फिर निषाद नेता पर दावं खेला है। पार्टी ने रामभुआल निषाद को मैदान में उतारा है। जबकि भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने अभी तक गोरखपुर सीट से अपने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है।

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