आजमगढ़ मंडल बलिया

बलिया और आसपास के इलाके की बन्दी 21 तक बढ़ी, पहले से सख्त होगा प्रतिबंध, आज रात से होगा लागू

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बलिया (संजय तिवारी): कोरोना के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने शहर व इसके आसपास के इलाके में हुई बन्दी को 21 जुलाई तक बढ़ा दिया है। शुक्रवार की रात 10 बजे से लागू होने वाली यह बन्दी थोड़ी सख्त होगी और कुछ हद तक लॉकडाउन-1 की तरह होगी। इसमें केवल आवश्यक सेवाएं व वस्तुओं की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवा, शांति व्यवस्था से जुड़े कार्मिक व गतिविधियां ही चालू रहेंगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े सरकारी संस्थानों को छोड़ बाकी सभी कार्यालय बंद रहेंगे। अधिकारी-कर्मचारी अपने घरों से ही जरूरी काम निपटाएंगे। बताया कि बन्दी के बीच चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जिला प्रशासन, पुलिस, नगर विकास, खाद्य एवं आपूर्ति, डाक विभाग, अग्निशमन, ई-कॉमर्स, मीडिया और हाकर्स, पेट्रोल पंप, गैस सर्विस से संबंधित कार्यालय व गतिविधियां ही जारी रह सकेंगी।

उन्होंने कहा कि किसी भी वाहन के लिए शहर व इसके आसपास का इलाका पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक वाहन जैसे टैक्सी, जीप, टेंपो, ई-रिक्शा आदि तो पहले से ही बंद थे, अब व्यक्तिगत वाहन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। आवश्यक सेवाओं में लगे कार्मिक भी अपनी आईडी या वाहन पास लेकर ही चल सकेंगे। एनएच के जरिए जनपद से बाहर जाने वाले वाहन ही जा सकेंगे।

जिलाधिकारी ने अपील की है कि दवा-इलाज कराने या बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। अन्यथा अब पुलिस भी सख्ती से निपटेगी। सड़क पर कोई फालतू वाहन ना चले इसके लिए पुलिस महकमे को निर्देश दे दिया गया है। प्रवर्तन कार्य तेज होगा। मास्क नहीं लगाने वालों पर 500 जुर्माना लगेगा। अगर कोई फालतू घूमता हुआ मिला तो उसका वाहन सील तो होगा ही, एफआईआर भी दर्ज होगी। शहर व इसके आसपास के प्रतिबंधित इलाके में कोई भी वाहन नहीं चलेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि एक हफ्ते में स्थिति और गंभीर हुई है। हप्ते दिन पहले बन्दी कर घर-घर सर्वे कराने का निर्णय महत्वपूर्ण रहा। सर्वे में मिले लक्षण व अन्य जानकारी के हिसाब से जांच हुई और पॉजिटिव केस सामने भी आए। बताया कि अब तक 64 हजार जनसंख्या कवर हुई है। एक लाख से ज्यादा लोगों को अभी आच्छादित करना है। इसीलिए इस लॉकडाउन को बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई।

जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि मेडिकल की हर दुकानों पर एक रजिस्टर मेंटेन करना होगा। अगर कोई बुखार, सर्दी, खांसी या सांस लेने में तकलीफ की दवा ले रहा है तो उसका नाम, पता और मोबाइल नंबर उस रजिस्टर में दर्ज करेंगे। उसकी प्रतिदिन की रिपोर्ट ड्रग निरीक्षक व अभिहित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को देना होगा। ड्रग विभाग इस आदेश का सख्ती से अनुपालन कराएगा।

डीएम श्री शाही ने बताया कि वर्तमान में शहर में 29 कंटेनमेंट जोन कलस्टर हैं, यानी एक जोन के कई घर में पॉजिटिव केस हैं। ऐसे में यहां सुपर कंटेन्मेंट जोन की व्यवस्था लागू होगी, जिसके अनुसार 500 मीटर की दूरी पूरी तरह सील रहेगी और उसके बाद ढाई सौ मीटर तक बफर जोन होगा। शासन की मंशा के अनुसार, इन इलाकों में सख्ती होगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि हमारा उद्देश्य है, हर घर व हर एक व्यक्ति तक हमारी सर्वे करने वाली टीम पहुंचे। जिले में कुल 835 टीमें बनी है, जिनमें 34 सिर्फ बलिया शहर में काम कर रही है। इस दौरान तीन तरह के लोगों पर टीम का विशेष फोकस है। पहला, कोई किसी पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में रहा हो, दूसरा किसी को बुखार, खांसी व सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण हों और तीसरा लम्बी बीमारी से ग्रस्त कोई है तो उन्हें चिन्हित कर अनिवार्य रूप से सैम्पलिंग करानी है। अगर कोई पॉजिटिव मिलेगा तो उसे एल-1 फैसिलिटी सेंटर में रखा जाना है। लोगों से भी अपील की है कि अपने घरों में ही रहें और सर्व टीम को सही-सही जानकारी दें।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस बन्दी का एकमात्र उद्देश्य हर पॉजिटिव व्यक्ति को चिन्हित कर लेना है। इसको लेकर कोई भी परेशान नहीं होगी। किसी भी सामान की कमी नहीं होगी। ऐसी व्यवस्था होगी कि आसानी से लोगों तक हर जरूरी सामान पहुंच जाएगा। बताया कि हफ्ते दिन पहले शहर में 42 केस थे, लेकिन इसमें बहुत तेजी से वृद्धि हुई। सिर्फ 8 जुलाई को ही 150 से अधिक केस आए, जो चिंता का विषय है। अब लोगों को और गंभीर होने की जरूरत है।

जिलाधिकारी ने बताया कि पर्याप्त बेड की उपलब्धता पर हमारा पहले से ही ध्यान था। एल-1 फैसिलिटी सेंटर के रूप में 5 अस्पताल तैयार हैं। वर्तमान में सीएचसी बसंतपुर व शांति मेडिकल कॉलेज में मरीज हैं और शुक्रवार से सीएससी फेफना पर भी मरीज शिफ्ट होने लगेंगे। इसके अलावा एहतियात के तौर पर राजकीय महिला महाविद्यालय नगवां (कम से कम 150 की क्षमता) और निर्माणधीन सीएचसी सुखपुरा में भी हमारी तैयारी हो रही है।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था को लेकर कुछ दिक्कतें थी, लेकिन साथ में भ्रांतियां भी थी। हालांकि कुछ शिकायतें सही मिली, जिसमें सुधार कर लिया गया है। डीएम ने कहा, मै खुद मरीजों से वार्ता करता रहता हूँ, फिलहाल किसी की कोई शिकायत नहीं है।

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