फाइनल रिपोर्ट स्पेशल

पूरे हुए ‘चौबे जी बुक मार्ट’ के एक साल, मेट्रो सिटी की तर्ज पर एक छत के नीचे उपलब्ध हैं सभी सेवाएं

about-us-wel

गोरखपुर (अरविन्द श्रीवास्तव): महानगर के बक्सीपुर से सिर्फ किताबों की महक उठती है। इसी किताबों की बगिया को सींच रहा है चौबे जी बुक मार्ट। आज अपनी स्थापना के एक साल पुरे कर रहा चौबे जी बुक मार्ट (CBM) वो जगह है जहाँ एक सिंगल प्लेटफार्म पर आपके अपने बच्चे की स्कूल सम्बन्धी सारी जरुरत पूरी हो सकती है।

शहर के एमएसआई इंटर कॉलेज के सामने स्थित CBM की स्थापना मेट्रो सिटी के दुकानों की तर्ज पर हुई है। एक तरह से यह छोटा मॉल है जहाँ पर आपको ना केवल सीबीएसई की सभी किताबें बल्कि इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, के साथ-साथ कम्पटीशन की सभी किताबें मिल जाएँगी।

छोटे बच्चों के लिए तो यह जगह सम्पूर्णता से भरा हुआ है। उनके जरुरत का सभी सामान यहाँ आपको मिलेगा। चाहे फैंसी और स्टाइलिश बैग हो या ब्रांडेड बोतल। गिफ्ट आइटम्स हो या शानदार पेन। सभी चीजे यहाँ आपको एक छत के नीचे मिलेगी। यहाँ पर उपलब्ध बैग और बोतल की रेंज का तो क्या कहाँ।

CBM के ओनर ओम चौबे ने हमें बताया कि वो ग्राहकों की 100 प्रतिशत संतुष्टि का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके बुक मार्ट से कोई भी ग्राहक असंतुष्ट होकर लौट ही नहीं सकता है। उन्होंने बताया कि उनके यहाँ न सिर्फ इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, के साथ-साथ कम्पटीशन की सभी किताबें और बैग, बुक और बोतल के साथ गिफ्ट आइटम्स भी मिलते हैं बल्कि उनके यहाँ शहर में सबसे ज्यादा नावेल का कलेक्शन मिल जायेगा।

उन्होंने हमें बताया कि उनके बुक मार्ट पर 5000 से ज्यादा उपन्यासों का भंडार है। श्री चौबे के अनुसार उनके बुक मार्ट पर देसी, विदेशी सभी लेखकों के नावेल आसानी से उपलब्ध हैं। श्री चौबे के अनुसार यदि गाहे-बगाहे कोई नावेल उपलब्ध नहीं रहता है तो उसे मंगा कर ग्राहक के घर निःशुल्क पंहुचाने की भी व्यवस्था की जाती है।

लॉक डाउन के दौरान CBM ने घर-घर पंहुचाया था स्टेशनरी और किताबें
ओम चौबे ने बताया कि लॉक डाउन के दौर में जहाँ स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस, मीडिया के लोग अपनी जान की बाजी लगा कर जनता की सेवा करने से पीछे नहीं हटे ऐसे में उनका भी फर्ज बनता था कि लोगों के लिए कुछ किया जाए। यही कारण है कि उन्होंने सरकार द्वारा बताये गए तमाम मानकों का पालन करते हुए लोगों के घर तक किताबें, स्टेशनरी, नावेल सब कुछ पंहुचाया।

श्री चौबे ने बताया कि उन्होंने इस लॉक डाउन में लोगों की छोटी बड़ी हर डिमांड को पूरी करने की कोशिश की। वो बताते हैं कि वो लोग शहर के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक होम डिलीवरी किये।

उन्होंने बताया कि एक पुस्तक विक्रेता होने के नाते उनका फर्ज है कि किसी भी विद्यार्थी का भविष्य पुस्तक के अभाव में ना ख़राब हो। उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश है कि ना केवल गोरखपुर बल्कि अन्य जिलों के निवासियों तक भी जरुरत की किताबें, स्टेशनरी पंहुचा दी जाए। इसके लिए वो दूसरे जिलों के दुकानों से टाई उप कर के लोगों के घरों तक किताब, कॉपी की होम डिलीवरी सुनिश्चित करवा रहे हैं।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *