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कोरोना संकट: दिये, मोमबत्ती जला गोरखपुर ने पेश की एकजुटता, दिवाली से पहले ही मनी दिवाली

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राकेश मिश्रा
गोरखपुर:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर गोरखपुर में आज रात 9 बजे 9 मिनट तक लोगों ने अपने घरों की लाइट को पूरी तरह बंद कर दीये, मोमबत्ती और मोबाइल के टॉर्च को जला कर कोरोना महामारी के खिलाफ अपनी एकजुट होने का सन्देश दिया। इस अवसर पर महानगर के हर क्षेत्र में लोगों ने अपने घरों की लाइट बंद कर दिया और दिये, मोमबत्ती आदि जलाये।

घरों पर लोगों ने एक नहीं बल्कि कई दिये जला कर अपनी एकजुटता को प्रदर्शित किया। कहीं लोगों ने अपने छतों पर दिए जलाये तो कहीं लोगों ने अपने घर की चहारदीवारी पर दिये और मोमबत्ती लगा कर इस वैश्विक महामारी के खिलाफ अपनी ढृढ़ता को दर्शाया।

महानगर के मोहद्दीपुर, रुस्तमपुर, बेतिया हाता, गोलघर, रानीडीहा, राप्ती नगर, बशारतपुर सहित हर क्षेत्र में लोगों ने अपने-अपने घरों की लाइट 9 मिनट तक बंद रखी और दिये, मोमबत्ती जलाये। लोगो ने दीपक जलाने के साथ-साथ पटाखे भी फोड़े। लगभग हर मुहल्ले से आवाज रही थी।

मोहद्दीपुर निवासी कृष्णमुरारी राय ने बताया कि इस अवसर पर उत्साहित लोगों ने जय माता दी, जय श्री राम, भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे भी खूब लगाए। उन्होंने बताया कि उनके मोहल्ले में लोगों ने लाइट पूरी तरह बंद रखी और दिये और मोमबत्ती जला कर कोरोना के प्रति लड़ाई को दर्शाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को लोगों से अनुरोध किया था कि वे कोरोना वायरस को हराने में देश के ‘सामूहिक संकल्प’ का प्रदर्शन करें। पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट के लिए अपने घरों की बत्ती बुझाएं और मोमबत्ती, दीये या मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट या टॉर्च जलाएं। प्रधानमंत्री की अपील के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट कर लोगों से नौ मिनट मांगे थे।

गोरखपुर शहर के सांसद और भोजपुरी व बॉलीवुड स्टार रवि किशन ने भी एक वीडियो साझा कर लोगों से अपील की थी कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर अपने घर में कम से कम एक दीया भारत के नाम जरूर जलाएं। पूरे विश्व को पता होना चाहिए कि हम भारतवासी एक हैं, हम सब मिलकर इस महामारी, जिसका नाम कोरोना है, वह लड़ाई हार रहा है और हम जीतेंगे।

रवि किशन ने भोजपुरी में लोगों से कहा कि ‘जतना लोग हमके चाहे वाला बणन चाहे यूपी और बिहार से होखे, उ सब लोगन से हाथ जोड़ के हमार निवेदन बा की एक दीया आज जलहिया।’

बता दें कि प्रधानमंत्री की अपील पर लोगों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी थी। कुछ ने उनकी अपील को हाथों हाथ लिया था तो वहीँ कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए कहा था कि पीएम कोरोना से लड़ाई के खिलाफ पुख्ता काम करने की जगह लोगों का हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि सोचों अंदर की रोशनी बुझाकर,कौन पा सका है बाहर के उजाले। अखिलेश ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पीपीई का अभाव और अपर्याप्त टेस्ट किट असली चुनौती है, जिसका सामना देश कर रहा है।

अखिलेश ने ट्वीट कर कहा, “लोगों के लिए पर्याप्त टेस्ट किट नहीं। स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पर्याप्त निजी सुरक्षा उपकरण नहीं। गरीबों को खिलाने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं। ये आज की असली चुनौतियां हैं।”

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