देवरिया / कुशीनगर

कुशीनगर: लॉकडाउन के चलते नहीं आ सका बेटा, प्रियंका ने मां को मुखाग्नि देकर निभाया बेटे का फर्ज

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मोहन राव
कुशीनगर:
समाज में बदलाव आ रहा है। आधी आबादी के शिक्षित होने से समाज की तमाम कुरितियां टूट रही है। बेटे को मुखाग्नि देने की परम्परा को आज एक जांबाज बेटी ने ग्रामीणों के सहयोग से तोड़ दिया और बता दिए कि बेटा बेटी में कोई अंतर नहीं है। वह बेटी है प्रियंका शर्मा। कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज थाने के मंसूर गंज निवासिनी।

लॉक डाउन के चलते मां के मौत के बाद भी परदेश में रहने वाला इकलौता भाई घर नहीं आ पाया। प्रियंका को ही अंतिम संस्कार के लिए माँ की चिता की आग देनी पड़ी। गरीबी से जूझ रहे इस परिवार की वेदना को देखकर ग्रामीणों की आँखे बरबस नम हो गई।

जनपद के कप्तानगंज के मंसूरगंज ग्राम सभा में प्रियंका का परिवार गरीबी व लाचारी से जीवन यापन कर रहा है। दो वर्ष पूर्व पिता सुरेश शर्मा की लम्बी बीमारी के कारण मौत हो गयी। इनके ईलाज में ही परिजन आर्थिक रुप से कमजोर हो गए। परिवार में तीन बच्चे क्रमशः पूजा शर्मा , प्रियंका शर्मा, व राममिलन गरीबी का दंश झेलने लगे। सुरेश की पत्नी आरती किसी तरह बड़ी बेटी पूजा के हाथ का हाथ पीले कर दीं।

घर की माली हालत को देख राममिलन से भी रहा नही गया और वह हैदाराबाद कमाने चला गया। माँ के साथ घर पर बची प्रियंका रहने लगी। ज्ञानोदय इंटरमीडिएट कालेज में अपनी पढ़ाई लिखाई करते हुए मां के साए में पल रही प्रियंका से मां का साया भी उठ गया। घर पर भाई के नहीं होने से प्रियंका के उपर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा।

राममिलन को लॉक डाउन के चलते अपनी मां का अंतिम दर्शन तक भी नसीब नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रियंका से ही चिता को आग दिलवा कर गाँव के शमशान घाट पर एक मां अंतिम संस्कार कराया।

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