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सांस नली में फंसे कंकड़ों को निकालकर बीआरडी के डॉक्टरों ने बच्चे को दिया जीवनदान

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गोरखपुर (क्राइम रिपोर्टर): सिद्धार्थनगर जनपद के ग्राम माधव सोहरघर निवासी कृष्ण मोहन के नौ माह के बच्चे सुंधाशु ने खेल के दौरान मुंह में मिट्टी फांक लिया। बच्चा रोने लगा। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।

ऐसे में पहले कस्बे के डॉक्टर ने फिर जिला अस्पताल होते हुए परिजनों ने बच्चे को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर आरएन यादव ने भगवान बन कर अपनी टीम के साथ न सिर्फ बच्चे की जान बचा ली बल्कि उसकी सांस की नली में फंसे कंकड़ के दोनों छोटे टुकड़े भी निकाल लिए।

शुक्रवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सांस की नली में फंसे दो छोटे-छोटे पत्थर के कंकड़ को दूरबीन विधि से निकालकर सफल ऑपेरशन किया गया। बच्चा अब पूरी तरह से स्वास्थ्य है। परिजनों ने डॉक्टरों के प्रति आभार जताया है।

मुंह में मिट्टी डालने के कारण वह बुरी तरह से खांस और हाफने लगा था। इस पर परिजनों ने मिट्टी निकालने की कोशिश की, तो पत्थर के दो छोटे-छोटे कंकड़ सांस नली के अंदर होते हुए नीचे चले गए। इस पर उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह बुरी तरह से रोने लगा।

बीआरडी में पहुंचने पर नाक, कान गला रोग विभाग के एचओडी डॉ आरएन यादव ने बच्चे का तत्काल एक्स-रे कराया।

सबसे पहले कराई गई थी कोरोना की जांच

सांस लेने में हो रही तकलीफ को देखते हुए बीआरडी के डॉक्टरों ने बच्चे की एहतियात के तौर पर कोरोना की जांच कराई। कोरोना में रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसका ऑपरेशन शुरू हुआ। टीम में एनेथिसिया के एचओडी डॉ सतीश, डॉ साहब अहमद, नाक कान गला की डॉ वर्तिका तिवारी, डॉ विनती जैन का विशेष सहयोग रहा। वहीं कृष्ण मोहन ने कहा कि मेरे बच्चे के डॉक्टर भगवान बन गए और उन्होंने उसकी जान बचा ली।

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