गोरखपुर गोरखपुर मंडल

जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत, मोर्चरी में रखा शव; कोरोना रिपोर्ट का इंतजार

about-us-wel

गोरखपुर (बी एन तिवारी): मुंबई से ट्रक द्वारा आये 60 वर्षीय व्यक्ति की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में सोमवार की शाम मौत हो गई। लक्षण के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने मृतक के शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखवाते हुए कोरोना जांच के लिए उसके सैंपल को निकलवा कर मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। मौत के 18 घंटे बाद भी शव को परिजनों के हवाले इसलिए नहीं किया गया है कि कहीं रिपोर्ट पॉजिटिव ना आ जाए।

गोला थाना क्षेत्र के ग्राम सभा खदरा में बीते 15 मई को ट्रक के द्वारा अपने घर आये गौरीशंकर पुत्र गणेश की अचानक तबियत खराब हो गई। सीने में दर्द शुरू हुआ। परिजन उन्हें लेकर सीएचसी गोला इलाज के लिए पंहुचे। जहां डॉक्टर ने स्थिति नाजुक भांपते हुए तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एम्बुलेंस उपलब्ध ना होने के कारण रात भर मरीज सीएचसी पर ही रहा।

दूसरे दिन एंबुलेंस आई जरूर लेकिन उसे जिला से पालना ले जाकर गीडा स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उतार दिया। उक्त हॉस्पिटल के जिम्मेदारों ने भी 24 घंटे तक मरीज का पॉकेट खूब ढीला किया। जब हालात बद से बदतर होने लगा तो रविवार को जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मृत्यु हो गई।

जिला अस्पताल ने शव को परिजनों को न देकर मोर्चरी हाउस में रखते हुए उनका सेम्पल जांच के लिए भेज दिया। इधर गांव को संवेदनशील मानते हुए स्थानीय प्रशासन ने सोमवार को सील कर दिया है।

बताते चले कि खदरा निवासी गौरीशंकर मुम्बई में रहकर अपना जीविकोपार्जन कर परिवार का गुजर बसर करते थे। करोना का कहर चला तो सभी लोग परदेश से किसी तरह अपने गाँव की तरफ चल पड़े। गौरी शंकर भी ट्रक द्वारा किसी तरह 15 मई को घर पंहुचे। रास्ते मे भी तबियत खराब थी। सीने में दर्द हो रहा था। घर आने के बाद सीने का दर्द बढ़ गया था।

मृत्यु का कारण परिजनों ने जानना चाहा तो डॉक्टर ने बताया कि इनका लिवर किडनी दोनों खराब हो गया था जिससे हार्ट ने काम करना बंद कर दिया और मृत्यु हो गयी।
मृतक का एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। सभी शादीशुदा है। गांव में परदेश से आये अन्य लोगों को प्राथमिक विद्यालय बेलनापार पर क्वारनटाईन कर दिया गया है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *