टॉप न्यूज़

वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु के करीब, गलियों और छतों पर हो रहा अंतिम संस्कार

about-us-wel

वाराणसी (अभयानन्द त्रिपाठी): काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ते जलस्तर से लोगों की जिंदगी पर असर पड़ने लगा। गंगा खतरे के निशान के करीब बढ़ रही हैं। गंगा के रौद्र रूप ने गंगा घाट की सीढ़ियों को डुबा दिया है। नावों का संचालन पहले से बंद बंद है। साथ ही अब शवदाह पर असर पड़ रहा है।

मणिकर्णिका घाट और राजा हरिश्चंद्र घाट पर गंगा पानी चढ़ गया है। मंगलवार से अग्नि संस्कार गलियों और छतों पर किया जा रहा है। पूर्वांचल-बिहार से अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों के लिए चार-पांच घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। इन लोगों को लंबी लाइन लगानी पड़ रही है।

श्मशान घाट किनारे रहने वाले लोगों के लिए परेशानी दोगुनी हो गई है। आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों को शवों के दाह संस्कार से होने वाले धुंए और हवा के साथ उड़ कर घर में पहुंच रही चिताओं की राख से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वाराणसी में गंगा वरुणा नदी विकराल रूप ले सकती हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 24 घंटे में चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। सुबह 8 बजे 67.45 मीटर और रात 8 बजे तीन सेंटीमीटर बढ़ाव के साथ जलस्तर 67. 48 मीटर रहा। जिले में चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर है।

श्राद्ध के लिए तीर्थ पुरोहितों को भी परेशानी हो रही है। काशी में गंगा के बढ़ाव का कारण प्रयागराज में गंगा की प्रमुख सहायक नदी यमुना के जलस्तर में हुई भारी वृ़द्धि है। कानपुर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जल स्तर तेजी से बढ़ा और इसका फ्लो मिर्जापुर होते हुए काशी पहुंच रहा है। प्रयागराज और फाफामऊ में गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है लेकिन मिर्जापुर में बढ़ाव जारी है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *